जब कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक किया तो सोचा था पत्रकारिता करूँगा

जब कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में परास्नातक किया तो सोचा था पत्रकारिता करूँगा, अग्रजों से सीखूंगा, बहुत से ईमानदार, कर्मठ व योग्य पत्रकारों/शिक्षकों से सीखा, जिले में परमादरणीय, परमज्ञानी वरिस्ठतम/श्रेष्ठ हृदय नारायण दीक्षित जी हम सब के लिए प्रेरणा स्रोत रहे तथा रहेंगे।
सम्पादक
हिमांशु श्रीवास्तव

सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर खबर न करके मैनेजमेंट तथा प्राइवेट नर्सिंग होम संचालन के धंधे में प्रमुख सहायक की भूमिका में रहने वाले कुछ कुख्यात कथित पत्रकारों ने आत्मा ही हत्या कर दलाली को ही पत्रकारिता साबित करने में लगे हैं।

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