चमनगंज थाने से चोर भागा नहीं...भगाया गया
*चमनगंज थाने से चोर भागा नहीं...भगाया गया!!*
● *शातिर अपराधी को लॉकअप में बंद नहीं किया, नियम-कानून की धज्जियां उड़ाकर थाने के मुंशी ने अपने बगल में बैठाये रखा*
*विकास अवस्थी/ शहर दायरा न्यूज़*
*कानपुर।* रविवार की देर रात शहर के बेहद संवेदनशील माने जाने वाले चमनगंज थाने के अंदर से जुगनू नाम का शातिर अपराधी फरार हो गया। जिस शातिर पर तीन दर्जन से अधिक गंभीर मुकदमे हैं, उसके थाने के अंदर से पुलिस को चकमा देकर यूं ही भाग जाने का मामला किसी को हजम नहीं हो रहा। शातिर अपराधी के थाने के अंदर से भाग जाने पर आम पब्लिक से लेकर पुलिस महकमे तक में हड़कंप मचा हुआ है। कहा जा रहा है कि पुलिस की ये किरकिरी थाने में लंबे समय से तैनात एक "मनमौजी" मुंशी की लापरवाही का नतीजा है, जो किसी की नहीं सुनता।
पड़ताल करने पर जो तथ्य सामने आये, उनसे थाने में 5 साल से जमे एक दबंग "कारखास" मुंशी नीतेश सिंह चौहान की घोर लापरवाही सामने आ रही है।
एक सनसनीखेज तथ्य ये सामने आ रहा है कि नियम-कानून को ताक पर रखकर थाने के मुंशी नीतेश सिंह चौहान ने शातिर अपराधी जुगनू को लॉकअप में बंद करने के बजाये अपने बगल में, मुंशीयने में ही बैठाये रखा। कई दरोगाओं और कॉन्स्टेबिलों द्वारा बार-बार शातिर जुगनू को लॉकअप में बंद करने की रिक्वेस्ट को मुंशी नीतेश सिंह ने नजरअंदाज किया। नतीजतन मौका देखकर शातिर जुगनू फरार हो गया। बाद में मुंशी नीतेश सिंह की लापरवाही छिपाकर, उसको बचाने के लिए उसके चहेतों ने लॉकअप का ताला तोड़ कर भागने की झूठी कहानी फैलाई। बताया गया कि नीतेश सिंह चौहान ही ड्यूटी पर था। उसने अधिकारियों के पास अपने बीमार रहने की फर्जी ऐप्लीकेशन लगा रखी है। जिसके बूते वो सालों से इसी थाने में जमा है, वहीं "कारखासी" करता है। अपने ऊंचे संबंधों का बखान करके बाकी पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ता है। थानाध्यक्ष तक की नहीं सुनता। केवल नाईट डयूटी करता है। क्षेत्र के लोग थानेदार से ज़्यादा इसी मुंशी नीतेश सिंह को "समझते" हैं। कई नामी अपराधी पकड़े जाने पर थाने से "हल्के में" छूट जाते हैं।
खबर सूत्रों के हवाले से
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